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Hindi News ›   Astrology ›   Chandra Grahan 2023 Chant these Mantra to reduce the negativity or Dosha of Lunar Eclipse in Hindi

Chandra Grahan 2023: चंद्र ग्रहण के दौरान करें इन खास मंत्रों का जाप, हर समस्या से मिलेगी मुक्ति

Fri, 05 May 2023 10:45 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 05 May 2023 10:45 AM IST
सार

साल का पहला चंद्र ग्रहण आज यानी शुक्रवार 5 मई को रात 08:46 से शुरू होगा और ग्रहण की समाप्ति रात 01:02 पर होगी। इस दौरान ग्रहण के दोषों से बचने के लिए कुछ ख़ास मन्त्रों का जाप करना चाहिए।

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Chandra Grahan 2023 Chant these Mantra to reduce the negativity or Dosha of Lunar Eclipse in Hindi
Chandra Grahan 2023 Mantra Jaap - फोटो : amar ujala

विस्तार

Chandra Grahan 2023 Mantra Jaap:आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जहाँ चंद्रग्रहण को एक विशेष घटना के रूप में माना जाता है। वहीं पौराणिक ग्रंथो के अनुसार आकाश में जब भी चंद्रग्रहण की स्थिति बनती है तो इसका पूरा प्रभाव पूरे भूमंडल पर पड़ता है। साल का पहला चंद्र ग्रहण आज यानी शुक्रवार 5 मई को रात 08:46 से शुरू होगा और ग्रहण की समाप्ति रात 01:02 पर होगी। इस दौरान ग्रहण के दोषों से बचने के लिए कुछ ख़ास मन्त्रों का जाप करना चाहिए।  आइये जानते हैं उन विशेष मंत्रों के बारे में ।   

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करें इन मंत्रों का जाप

  • चंद्र ग्रहण के दौरान आगायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या अन्य मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
  •  वैभव लक्ष्मी के मंत्र का  जाप 108 बार करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। मंत्र इस प्रकार है ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः यह
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  • चंद्र ग्रहण के दौरान आप माता बगलामुखी के मंत्र का जाप कर सकते हैं। इससे आपको शत्रुओं से मुक्ति मिलेगी। मंत्र इस प्रकार है- ॐ ह्री बगलामुखी सर्व दुष्टानाम वाचं मुखम पदम् स्तम्भय। 
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  • चंद्र ग्रहण के दौरान आप चंद्र देव के मंत्रों का जाप करें। ऐसा करने से चंद्र दोष का प्रभाव कम होता है। यह मंत्र है ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नमः। 
  • चंद्र ग्रहण के दौरान शिव चालीसा का पाठ करना चाहिए। इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव नहीं होता है।


सूतक काल मान्य नहीं 
धार्मिक दृष्टि से बात करें तो इस साल उपच्छाया चंद्रग्रहण लग रहा है जिसे ग्रहण की श्रेणी में नहीं रखा जाता।  ऐसे में इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल मान्य नहीं होगा। जहाँ सूर्य ग्रहण के होने पर ग्रहण शुरू होने से 12 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है जबकि चंद्र ग्रहण होने पर 9 घंटे पहले सूतक शुरू हो जाता है। सूतक काल में किसी भी तरह का शुभ काम और पूजा-पाठ नहीं किया जाता है। सूतक की समाप्ति के बाद ही सभी तरह के धार्मिक कार्य दोबारा से शुरू होते हैं।

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