टिहरी बांध की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए पुलिस और सीआईएसएफ की टीम ने मॉक ड्रिल कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस, सीआईएसएफ, एटीएस, एलआईयू, फायर सर्विस, मेडिकल टीम की त्वरित प्रतिक्रिया,सूचना तंत्र, घेराबंदी, सर्च ऑपरेशन, बम निरोध कार्रवाई, अग्निशमन और रेस्क्यू जैसी व्यवस्थाएं परखी गई। एसएसपी श्वेता चौबे ने बताया कि टिहरी बांध संवेदनशील परियोजना है। समय-समय पर बांध की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाती रही है। मॉक ड्रिल के तहत काल्पनिक रूप से टिहरी पुलिस को सूचना मिली कि टिहरी डैम पर आतंकवादी हमला हुआ है। तीन आतंकियों की अंधाधुंध फायरिंग और आईडी ब्लास्ट से सीआईएसएफ का एक जवान शहीद और एक जवान घायल हो गया। सूचना मिलते ही सुरक्षा और पुलिस एजेंसिंयाें को अलर्ट कर घटनास्थल की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय किया गया। सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर तीनों आतंकवादियों को मार गिराने का सफल ट्रायल किया। इस दौरान पुलिस और सीआईएसएफ का रिस्पांस टाइम की तैयारी भी परखी गई। उन्होंने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आतंकवादी हमले की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।