घनसालीभिलंगना ब्लॉक की थाती कठूड़ पट्टी स्थित निवालगांव में रविवार, 6 सितंबर 2026 को 18 साल बाद ऐतिहासिक भव्य भेड़ कोथिक (भेड़-मेला) का आयोजन किया गया। बौल्या चांदनी नागराजा के पावन प्रांगण में आयोजित मेले में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचे। लोगों ने पारंपरिक भेड़ परिक्रमा में शामिल होकर लोक आस्था का आनंद लिया और देव डोलियों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मेले का विधिवत शुभारंभ उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी व स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह ने किया। इस दौरान क्षेत्र की विभिन्न देव डोलियों, देवी-देवताओं के निशानों और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मेले में दूर-दराज के गांवों से लोग अपनी भेड़-बकरियों के साथ पहुंचे। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा पशुधन की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छी फसल की कामना से जुड़ी है। किसी कारणवश पिछले 18 वर्षों से इसका आयोजन नहीं हो पा रहा था। लंबे अंतराल के बाद मेले के दोबारा शुरू होने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। भेड़ कोथिक केवल मेला नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और सामूहिक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक है। 18 साल बाद इसके पुनः आयोजन ने पुरानी लोक विरासत को फिर जीवंत कर दिया। साथ ही नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिला। मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि भेड़ पलकों का ये मेला है जो बहुत ही अद्भुत मेला है, मुझे यहां आने का अवसर प्राप्त हुआ है, जनता ने यहां पर हेलीपैड की मांग की है, मैंने जनता को आश्वस्त किया है कि मुख्यमंत्री के सामने इस मांग को रखूंगा और पूरा प्रयास रहेगा यहां पर हैलीपेड की स्थापना हो जाए । इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख राजीव कंडारी, नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद बिष्ट, गोविंद सिंह राणा, जिपंस मकानी देवी, धनपाल बिष्ट, क्षेपंस सुश्री गंगा बिष्ट, सुशील रमोला, हिम्मत रौंतेला, भूपेंद्र नेगी, विशन पंवार, रीना पंवार, भरत सिंह, विजेंद्र सिंह, खंड विकास अधिकारी विपिन सिंह सहित तमाम जनप्रतिनिधि व स्थानीय लोग मौजूद रहे ।