श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए दिए गए 10 दिन के आश्वासन के बावजूद कई छात्रों के परिणाम दुरुस्त न होने से सोमवार को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा। एबीवीपी और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से महाविद्यालय परिसर में जमकर नारेबाजी कर विश्वविद्यालय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद दोनों छात्र संगठनों ने मांगों के समाधान तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का निर्णय लिया। एबीवीपी के लक्की राणा और लोकेश बिष्ट तथा एनएसयूआई के उज्जवल मैठाणी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि परीक्षा परिणामों में लंबे समय से चली आ रही गड़बड़ियों के कारण छात्र मानसिक परेशानी झेल रहे हैं और उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष आलोक जग्गी और उज्जवल मैठाणी ने कहा कि विश्वविद्यालय को परिणाम सुधारने में इतना लंबा समय लग रहा है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने जल्द सभी लंबित परिणामों में सुधार की मांग की। वहीं, एबीवीपी के लक्की राणा ने परीक्षा परिणामों के साथ महाविद्यालय की लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी और रिक्त शिक्षकों के पदों पर जल्द नियुक्ति की मांग भी उठाई। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. कैलाश चंद्र दुद्पुरी ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से कई छात्रों के परिणामों में सुधार किया जा चुका है, जबकि अन्य छात्रों के परिणामों में सुधार की प्रक्रिया जारी है। गौरतलब है कि इससे पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष प्रियांशु मोहन भी इन्हीं मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने छात्रों को 10 दिन में परिणाम सुधारने का लिखित आश्वासन दिया था। इसके बावजूद कई परिणामों में सुधार नहीं होने पर अब दो छात्र संगठनों ने आंदोलन तेज कर दिया है। इस दौरान एनएसयूआई के आर्यन डोभाल, सुनील मेहरा, अखिलेश बमोला, सक्षम नेगी तथा एबीवीपी के कृष रावत, रोहित नेगी और प्रियांशु अग्निहोत्री समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को समर्थन दिया।