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काशी में नदियों का रौद्र रूप, गंगा चेतावनी बिंदु से ऊपर, वरुणा का पानी घरों में घुसा

Pragati Chand Updated Wed, 02 Sep 2026 02:18 PM IST

गंगा ने काशी में इस साल पहली बर चेतावनी बिंदु पार कर लिया। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज पर मंगलवार की रात 10 बजे तक जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया जो चेतावनी बिंदु से तीन सेंटीमीटर ज्यादा है। इसके बाद जलस्तर स्थिर हो गया। गंगा अभी खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन शहर और ग्रामीण इलाकों में बाढ़ का असर है। काशी में 14 साल (2013 से 26 के बीच) के दौरान गंगा का जलस्तर 8 बार चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है। 2019 और 2022 में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था। दूसरी तरफ, वरुणा नदी के उफनाने से बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। गंगा में आई बाढ़ से दशाश्वमेध घाट पूरी तरह डूब गया है। जल पुलिस का कार्यालय का ऊपरी हिस्सा ही दिख रहा है। मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार की व्यवस्था प्रभावित है। शवों को छत पर ले जाने में दिक्कत आ रही है। गलियों से नाव के सहारे शव ले जाए जा रहे हैं। लकड़ियां भीग गई हैं। पानी के बीच से लकड़ियां ले जानी पड़ रही हैं। घाट से जुड़े लोगों के अनुसार सामान्य दिनों में रोज 150 शवों का अंतिम संस्कार होता था जो अब 50 रह गया है। अस्सीघाट पर सुबह ए बनारस का मंच डूब गया है। तीन सीढ़ी पानी और चढ़ा तो सड़कों पर आ जाएगा।

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