समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. सुभाष राजभर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भगवान हनुमान को भी जाति के दायरे में ला दिया। डॉ. राजभर ने कहा कि 2018 में राजस्थान विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ ने बजरंगबली को वनवासी, वंचित और दलित बताया था। प्रेसवार्ता में डॉ. राजभर ने कहा कि आज दलित और पिछड़ा समाज का बड़ा हिस्सा समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा, "हम दलित हैं और हनुमानजी के भक्त भी हैं। ये दलित पीडीए यानी समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है।" उन्होंने आगामी चुनाव को पीडीए की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि आने वाले चुनाव के परिणाम में पीडीए की ताकत सामने आएगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सरकारी बंगले से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया। डॉ. राजभर ने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद अखिलेश यादव के सरकारी आवास को गंगाजल से धुलवाया गया था। उनके अनुसार, यह घटना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जातिवादी सोच को दर्शाती है। हालांकि, 2018 में अखिलेश यादव के सरकारी बंगले को खाली करने और वहां तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद हुआ था। डॉ. राजभर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के आंदोलन में संघ की कोई भूमिका नहीं थी और बाद में बड़े क्रांतिकारियों के नाम का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने संघ की विचारधारा को लेकर भी कई आरोप लगाए और कहा कि इतिहास को लेकर भाजपा और संघ की राजनीति को जनता अब समझ रही है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में जातीय सामाजिक समीकरण और पीडीए की राजनीति महत्वपूर्ण मुद्दा बनने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव परिणाम बताएगा कि पीडीए की राजनीतिक ताकत कितनी प्रभावी है।