यूपी के सीतापुर में झोलाछाप डॉक्टर के यहां इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम करके हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम, सीओ समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी समझाने के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए। मामला रामपुर मथुरा क्षेत्र के पर्वतपुर चौराहे है। मूल रूप से सदरपुर क्षेत्र के शिवपुर देवरिया निवासी सावित्री (30) का विवाह 13 वर्ष पूर्व बसावनपुर निवासी अशोक के साथ हुआ था। परिजनों के अनुसार, गुरुवार को प्रसव पीड़ा होने पर अशोक ने सावित्री को पर्वतपुर चौराहे स्थित एक निजी क्लीनिक में भर्ती कराया। आरोप है कि वहां झोलाछाप चिकित्सक डॉ. अजय वर्मा ने गलत इलाज किया। इससे गर्भ में बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद भी चिकित्सक ने सावित्री को रेफर नहीं किया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जबरन सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए लखनऊ ले जाने की सलाह दी। परिजन सावित्री को लेकर लखनऊ जा रहे थे। रास्ते में उसकी भी मौत हो गई। जच्चा-बच्चा की मौत की खबर से आक्रोशित परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ महमूदाबाद-रेउसा मार्ग पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक वाहनों की आवाजाही ठप रही। सूचना पर एसडीएम अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ वेद प्रकाश और थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद जाम खुल सका।