शाहजहांपुर के जलालाबाद क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर छुट्टा पशुओं के कारण लगातार हो रहे हादसों के पीछे बारिश से क्षतिग्रस्त हुई रिटेनिंग वाल की मरम्मत में देरी भी प्रमुख कारण बन रही है। दीवार में जगह-जगह टूटे हिस्सों के कारण छुट्टा पशुओं के एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता बना हुआ है। इसके बावजूद इन स्थानों को दुरुस्त कराने में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है।
सोमवार देर रात चैनल नंबर 250 के पास अचानक एक्सप्रेसवे पर आए छुट्टा पशु को बचाने की कोशिश में एक कार बेकाबू होकर पलट गई। कार काफी दूर तक घिसटती चली गई। हादसे में चार लोग घायल हुए। इससे एक दिन पहले रविवार रात करीब दो बजे गाजियाबाद से लखनऊ जा रही कार चैनल नंबर 187 के पास सांड़ से टकरा गई थी। दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त हो गई थी और लखनऊ निवासी डॉ. जया तिवारी तथा उनके पति रजत तिवारी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
एडीएम ने दिए थे मरम्मत कराने के निर्देश
एक्सप्रेसवे पर पशुओं के पहुंचने की शिकायतों को देखते हुए 11 अगस्त को एडीएम प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र ने यूपीडा और स्थानीय अधिकारियों के साथ प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में रिटेनिंग वाल के टूटे हिस्सों से पशुओं के एक्सप्रेसवे पर आने की बात सामने आई थी। एडीएम ने क्षतिग्रस्त दीवार की मरम्मत कराने और जरूरत वाले स्थानों पर उसकी ऊंचाई बढ़ाने के निर्देश दिए थे। साथ ही आसपास के गांवों में प्रधानों के माध्यम से ग्रामीणों को पशुओं को खुला न छोड़ने के लिए जागरूक करने को कहा था।