रायबरेली: जिले के डलमऊ क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण कई घाट डूब गए हैं और खेतों में पानी भर गया है। धान, उड़द, हरे चारे और सब्जियों की फसलें पानी में डूबने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से मात्र 35 सेंटीमीटर दूर दर्ज किया गया है। खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है, जबकि वर्तमान जलस्तर 98.01 मीटर दर्ज किया गया है। इस वृद्धि के कारण सड़क घाट, पक्का घाट, वीवीआईपी घाट और रानी शिवाला घाट सहित 16 घाट पर पानी आ गया है। जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों में दहशत का माहौल है। कटरी क्षेत्र के चकमलिकभीटी, अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद सहित अन्य गांवों की एक हजार बीघे खेती जलमग्न हो गई है। इसमें लगभग 100 बीघे में लगी हरा चारा, धान, उड़द और सब्जियों की फसलें पानी में डूब गई हैं। एसडीएम डलमऊ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और खतरे के निशान को पार करने पर ही बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होगी। उन्होंने कहा कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन लेखपालों को कटरी क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है।