रायबरेली के नसीराबाद में ई रिक्शा चालक के साथ 11 दिन पहले मारपीट की गई। पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित ने भाजपा विधायक अशोक कुमार से गुहार लगाई। इस पर विधायक ने एसपी से बात की और बुधवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। क्षेत्र के पूरे चौधरी मजरे बेवल निवासी अमित दुबे छतोह-गांधीनगर मार्ग पर अपना ई रिक्शा चलाते हैं। बीते 5 सितंबर को लगभग साढ़े पांच बजे छतोह मोड़ पर रिक्शा खड़ा करके सवारी उतार रहा थे तभी रामलाल, राहुल निवासी पूरे दुनिया मजरे छतोह, जय कुमार निवासी पूरे गोसाई, रोशनलाल निवासी छतोह, राजमणि निवासी डेरा आए और कहा कि यहां रिक्शा खड़ा करोगे तो सौ रुपए टैक्स देना पड़ेगा। अमित दुबे ने बताया कि उन्होंने कहा कि यहां कोई स्टैंड नहीं है,मैं पैसे नहीं दूंगा। इसी बात को लेकर रामलाल से कहासुनी होने लगी उसके बाद पांचों लोगों ने लाठी डंडे से जमकर मारा पीटा। उसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामले में अमित दुबे के ऊपर ही थाने में तहरीर देकर एससी-एसटी व मारपीट का मुकदमा लिखा दिया। जब अमित दुबे तहरीर लेकर थाने गए तो थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने कहा क्रॉस केस नहीं दर्ज होगा। आरोप है कि पुलिस ने अमित दुबे से 12 हजार रुपए में ले लिया।और अमित दुबे को पुलिस ने शांति भंग में चालान भेज दिया। जमानत कराने के बाद अमित दुबे ने भाजपा विधायक अशोक कुमार को घटना के बारे में बताया और मारपीट की वीडियो दिखाया। विधायक ने पुलिस अधीक्षक को फोन कर घटना की जानकारी दी और दोषियों पर कार्यवाही करने को कहा। घटना 11 दिन बाद बुधवार को अमित दुबे की तहरीर पर पुलिस ने भाजपा मंडल उपाध्यक्ष राजमणि, रामलाल, जयकुमार, रोशनलाल व राहुल के ऊपर एफआईआर दर्ज की है। थानाध्यक्ष पवन कुमार सोनकर ने बताया कि दोनों पक्षों पर जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस को पैसे देने का आरोप निराधार है।