मेरठ। सिवालखास विधानसभा क्षेत्र के गांव छुर में शनिवार शाम राष्ट्रीय लोकदल की ओर से सामाजिक समरसता सम्मेलन का आयोजन किया गया। रालोद नेता संजय रसूलपुर के नेतृत्व में हुए सम्मेलन में सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की जरूरत बताई गई। वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक एकता के साथ ही गांवों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। सम्मेलन में संजय रसूलपुर ने कहा कि रालोद की विचारधारा किसान, मजदूर और ग्रामीण समाज के हितों से जुड़ी है। चौधरी चरण सिंह के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों और श्रमिकों की आर्थिक-सामाजिक स्थिति में सुधार के साथ समाज के वंचित वर्गों को भी विकास की प्रक्रिया में बराबर की भागीदारी मिलनी चाहिए। आपसी भाईचारा और समानता सामाजिक समरसता के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने कहा कि जाति और वर्ग के आधार पर भेदभाव से समाज में दूरी बढ़ती है। इसे खत्म करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। गांवों में आपसी संबंधों को मजबूत बनाए रखना और जरूरत के समय एक-दूसरे का साथ देना जरूरी है। युवाओं को भी सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और लोगों के बीच संवाद बढ़ाने में आगे आना चाहिए। संजय रसूलपुर ने पार्टी कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क के दौरान किसान, मजदूर और आम लोगों की समस्याएं सुनने तथा सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। सम्मेलन में रालोद की नीतियों और ग्रामीण समाज के हितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। इस दौरान रालोद के क्षेत्रीय अध्यक्ष तिरसपाल मलिक, जिलाध्यक्ष अनिकेत त्यागी, संजय पनवाड़ी, ऋचा सिंह, रणवीर दहिया, संगीता दोहरे, रवि भारत चिकारा, एससी-एसटी आयोग के सदस्य नरेंद्र खजूरी, कुलवंत सोलंकी सहित पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।