मेरठ। सरूरपुर भूनी चौराहे पर रविवार को लावड़ जाते समय भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत का कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। वह लावड़ में एक क्रिकेट एकेडमी का उद्घाटन करने जा रहे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों और केंद्र सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना हर नागरिक का अधिकार है। लेकिन प्रदर्शनकारियों के मुकाबले पुलिस की अधिक तैनाती सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है। नरेश टिकैत ने कहा कि जंतर-मंतर पर धरने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सरकार का यह रवैया ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। टिकैत ने कहा कि किसानों की समस्याओं और जनता के मुद्दों को लेकर आवाज उठाना जरूरी है। यदि सरकार ने अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं किया तो भाकियू आगे आंदोलन का रास्ता अपना सकती है। हाल के दिनों में दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन और मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर विपक्षी नेताओं ने विरोध जताया है। इस दौरान कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। विपक्षी दलों ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन और विरोध के अधिकार को लेकर सवाल उठाए है। नरेश टिकैत ने बातचीत के दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच दो लड़कियों के साथ मारपीट का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। टिकैत ने दिल्ली पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भाकियू आंदोलन करने पर विचार करेगी। भाकियू अध्यक्ष ने कहा कि किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर संगठन पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने संकेत दिए कि सरकार के रवैये और प्रदर्शनकारियों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर संगठन आगे अपनी रणनीति तय करेगा। इस दौरान राजकुूमार करनावल, अशफाक प्रधान, मशरूफ प्रधान, उज्जवल, शेरु, मंगेराम, मोनू, कृष्णपाल आदि कार्यकर्ता मौजूद रहें।