मीरा एनक्लेव स्थित संजय रस्तोगी एवं नूतन रस्तोगी के निवास स्थान पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस बाल कथा व्यास पंडित अंश वशिष्ठ महाराज ने श्रद्धालुओं को महाभारत प्रसंग, परीक्षित कथा, शुकदेव आगमन, व्यास-नारद संवाद एवं कर्दम-देवहूति प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन सुनाया। महाभारत प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि महाभारत केवल युद्ध की कथा नहीं, बल्कि धर्म, कर्तव्य, सत्य और नीति की जीवनोपयोगी शिक्षाओं का ग्रंथ है। इसके प्रसंग मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।