हस्तिनापुर कस्बे के समीप स्थित मालीपुर निराश्रित गोशाला में गोवंश के लिए नई पहल शुरू की गई है। अब गोशाला की गायें केवल गोशाला में मिलने वाले चारे पर निर्भर नहीं रहेंगी। गायों को आसपास के खाली पड़े जंगल क्षेत्र में केयरटेकरों की निगरानी में चराने की व्यवस्था शुरू की गई है। इससे गोवंश को प्राकृतिक वातावरण में विचरण करने के साथ हरा चारा भी उपलब्ध हो सकेगा। शाम को गायों को वापस गोशाला में लाया जाएगा। नई व्यवस्था शुरू होने से गोशाला में चारे की खपत कम होने के साथ गोवंश को खुले वातावरण में रहने का अवसर मिलेगा।