मेरठ। सरधना से भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम ने मुजफ्फरनगर दंगे के बाद अपनी गिरफ्तारी और जेल में बिताए समय को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। करीब एक मिनट 56 सेकेंड के वीडियो में उन्होंने दावा किया कि दंगे के दौरान आवाज उठाने के कारण उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए और उन्हें जेल भेज दिया गया। सोम ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में उनके खिलाफ हत्या की साजिश रची जा रही थी। संगीत सोम ने वीडियो में दिए बयान में बताया कि गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुजफ्फरनगर जेल ले जाया गया था, लेकिन करीब दो घंटे के भीतर ही उनका स्थानांतरण कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि रातभर उन्हें अलग-अलग जंगलों में घुमाया गया और अगले दिन सुबह उरई जेल पहुंचाया गया। पूर्व विधायक के अनुसार, वहां हजारों बंदियों की क्षमता वाली जेल खाली कराकर उन्हें अकेले रखा गया था। सोम ने दावा किया कि जेल के अधिकारियों ने उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी थी और उनकी हत्या की साजिश की आशंका जताई थी। उन्होंने इस घटनाक्रम को अपनी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए तत्कालीन सरकार पर सवाल उठाए। पूर्व विधायक ने अपने बयान में खेड़ा गांव में हुई महापंचायत का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, जेल में उनकी सुरक्षा को लेकर जानकारी सामने आने के बाद अगले दिन महापंचायत आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। उन्होंने उस दौरान पुलिस की गोलीबारी और बवाल का भी जिक्र किया। संगीत सोम ने दावा किया कि महापंचायत में शामिल लोगों ने उनकी हत्या होने की स्थिति में सरकार पलटने तक की चेतावनी दी थी। उन्होंने अखिलेश यादव पर डीपी यादव के माध्यम से उनकी हत्या कराने की साजिश रचने का आरोप भी लगाया। पॉडकास्ट में दिए गए इस बयान में संगीत सोम ने मुजफ्फरनगर दंगे के बाद की घटनाओं और जेल में अपने अनुभवों को लेकर तत्कालीन सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।