वृंदावन के गोविंद घाट स्थित बड़ा रासमंडल पर ब्रज की अधिष्ठात्री राधारानी का छठी महोत्सव बृहस्पतिवार को विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मध्य मनाया गया। सुबह श्रीराधारानी की मंगला करती की गई। इसके बाद संत, महंत एवं ब्रजवासियों ने बधाई गायन किया। इस दौरान सखियों ने सोलर श्रृंगार कर ढाढ़ा-ढाड़िन नृत्य किया। बड़े रासमंडल में श्रीपंच राधा राधावल्लभीय अखाड़े के महंत लाड़िलीशरण महाराज की अध्यक्षता में श्रीराधारानी का छठी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। महंत ने कहा कि राधारानी ब्रज की आराध्या हैं। वह भगवान श्रीकृष्ण की भी पूज्य हैं। उनके बगैर ब्रज की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। महंत हरीशंकर दास नागा एवं महंत सुंदर दास ने कहा कि श्रीजी की महिमा वेदों और पुराणों में भी गाई गई है। श्रीराधा की उपासना के बिना श्रीकृष्ण तत्व की प्राप्ति कर पाना असंभव है। समाज गायक मुखिया राकेश की मुखियाई में मंगल बधाई समाज गायन हुआ, जिसमें संत, महंत और समाजियों ने रसिकजनों द्वारा रचित बधाई का गायन किया गया। रासमंडल में राधा प्यारी नै जन्म लियौ है... के बोलों के बीच भक्तों न बधाई के रूप में मेवा, मिष्ठान्न, कपड़े, खिलौने, वस्त्र, बर्तन आदि लुटाए गए। इस अवसर पर महंत मदन मोहन दास, महंत सच्चिदानंद दास, महंत श्यामसुंदर, महंत दिगंबर दास, सुख राय दास सहित बड़ी संख्या में भक्तजन छठी उत्सव के साक्षी बने।