मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा की नगरी में सांप्रदायिक सौहार्द की अद्भुत मिसाल देखने को मिल रही है। बांसुरी नगरी पीलीभीत से आए नवाब हुसैन पिछले 35 वर्षों से लगातार यहां बांसुरी बेचने आ रहे हैं। ठाकुर जी में अगाध आस्था रखने वाले नवाब हुसैन के साथ इस बार 15 से अधिक लोगों की टीम आई है, जिसमें फैजान, रिहान, रिजवान और मुहम्मद नूर शामिल हैं। फैजान भी बीते 10 वर्षों से आ रहे हैं। कारीगरों के मुताबिक, बांसुरी बनाने के लिए खास बांस असम से आता है, जिसे पीलीभीत में तराशा जाता है। बाजार में 20 से 150 रूपये तक की बांसुरियां बिक रही हैं। एक व्यक्ति इस सीजन में 4000 रूपये से अधिक कमा लेता है। हालांकि, बीते दो दिनों में बिक्री थोड़ी मंद रही है, लेकिन कारीगरों को बिक्री बढ़ने की पूरी उम्मीद है।