मथुरा। मथुरा-वृंदावन नगर निगम में 540 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति न होने और काम से हटाए जाने के विरोध में वाल्मीकि समाज और कर्मचारी संगठनों का आंदोलन तेज हो गया है। सोमवार को कर्मचारियों ने नगर निगम परिसर में एकत्र होकर शांतिपूर्ण धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 540 सफाई कर्मचारियों को अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। इसके विरोध में तीन अक्तूबर से अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू की गई है। आंदोलन के तहत कर्मचारियों ने भरतपुर गेट चौराहे पर नगर आयुक्त का पुतला फूंककर अपना आक्रोश जताया। कर्मचारी नेताओं ने नगर निगम प्रशासन और नगर आयुक्त पर कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर कई बार वार्ता और पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक कर्मचारियों के हित में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अधिकारियों की ओर से बातचीत की पहल भी नहीं की गई और न ही कोई आश्वासन दिया गया। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि जब तक 540 सफाई कर्मचारियों को दोबारा काम पर नहीं लिया जाता, तब तक कामबंद हड़ताल और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को वृंदावन के साथ-साथ आगरा मंडल स्तर तक विस्तार दिया जाएगा। हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई है। कर्मचारियों ने प्रशासन से तत्काल वार्ता कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।