1857 की क्रांति के गवाह पेशवा महल के अवशेष शिलाखंडों के रूप में आज भी बिठूर के नानाराव पेशवा स्मारक पार्क स्थित संग्रहालय में रखे है। बिठूर दर्शन के लिए आने वाले पर्यटक इन प्राचीन शिलाखंडों को देखकर रोमांचित हो उठते हैं। महल के जमीदोज होने के बाद खुदाई में अवशेष के रूप में मिले इन शिलाखंडों को सुरक्षित रखा गया है।