गंगा नदी का जलस्तर सोमवार को और बढ़ गया। 24 घंटे में 19 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। जलस्तर अब खतरे के निशान 113 मीटर से सिर्फ 29 सेंटीमीटर दूर है। चार गांवों के संपर्क मार्गों पर बाढ़ का पानी भर जाने के कारण आवागमन प्रभावित है। वहीं, 11 मोहल्लों में पानी और बढ़ जाने के कारण लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। लोग नावों से आवागमन कर रोजमर्रा का कामकाज निपटा रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार शाम छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 112.710 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 113 मीटर से 29 सेंटीमीटर दूर है। आयोग की मानी जाए तो दोपहर बाद से हर दो घंटे में एक सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जलस्तर में अभी और बढ़ोत्तरी होने की बात कही जा रही है। इस कारण गांव हरिहरपुर, चंपापुरवा, फत्तेखेड़ा, गगनीखेड़ा के संपर्क मार्गों पर जलभराव होने से ग्रामीणों को आवागमन को लेकर दिक्कत हो रही है। हरिहरपुर मार्ग पर घुटनों तक पानी भर गया है। साथ ही आसपास के खेतों में भी पानी घुस जाने से सब्जी की फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। वहीं पश्चिमी गंगाघाट के मोहल्ला कर्बला, हुसैन नगर, गोताखोर, शाही नगर, मनसुखखेड़ा, तेजीपुरवा, रविदास नगर, श्रीनगर, मालवीय नगर समेत 11 मोहल्लों में और पानी बढ़ जाने से घरों में पानी घुस गया है। लोग नावों से आवागमन कर रहे है। गोताखोर मोहल्ले की बिजली पहले ही काटी जा चुकी है। कई परिवार छतों पर गुजर बसर करने को मजबूर है। पानी बढ़ता देख कुछ परिवारों ने अपने घरों को बंद कर पास रहने वाले नाते रिश्तेदारों के यहां चले गए है। एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।