गंगा का जलस्तर घटना जारी है मंगलवार को भी जलस्तर में कमी आई लेकिन लोगों की परेशानियों में कोइ्र कमी नहीं आने से लोग दिक्कतें झेल रहे है। सैकड़ों घर पान से अभी भी घिरे है। नावों से लोग अपने जरूरी कामकाज निपटा रहे है। कई जगहों पर नावें कम पड़ रही तो तो कई जगहों पर नाविक न होने से लोग खुद ही नाव चलाकर गंतव्य को जा रहे है। कई स्कूली बच्चें घर जाने के लिए खुद ही नाव चला रहे है। प्रशासन की ऐसी लापरवाही किसी रोज भारी पड़ सकती है और बड़े हादसे का सबब बन सकती है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.460 मीटर पर पहुंच गया जो चेतावनी बिंदु से 46 सेंटीमीटर अधिक है। बता दे कि नगर के 22 मोहल्लों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा है हलांकि कुछ गलियों में पानी उतरा है लेकिन दुश्वारियां बरकरार है। सरैया गांव, गोताखोार मोहल्ला, राजीव नगर खंती, चंपापुरवा कटरी, पीपरखेड़ा, मझरा पीपरखेड़ा, श्रीनगर में नावें तो प्रशासन की ओर से लगाई गई है लेकिन यहां नाविक गायब रहते है ऐसे में लोगों को खुद ही अपनी नैया पार लगानी पड़ती है। स्थानीय लोगों नेे बताया कि सुबह के समय तो वह खुद अपने बच्चों को स्कूल छोड़ देते है लेकिन दोपहर के समय बच्चें स्वंय ही नाव चलाकर घर को पहुंचते है। जिस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है कई जगहों पर नावें पर्याप्त नहीं है ऐसे में प्राइवेट नाव के सहारे लोगों को गुजर बसर करना पड़ रहा है। वहीं मोहल्ला मालवीय नगर, गायत्री नगर, भातू फार्म, अली नगर, अहमद नगर कटरी, गंगा नगर कटरी, रविदास नगर कटरी, अखलाख नगर, रतिराम पुरवा समेत 22 गांव मोहल्लों में अभी भी जलभराव होने से लोग काफी परेशान है। एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि ऐसी लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी निरीक्षण कर जांच कराई जाएगी।