सरैया आरओबी पर गुरुवार को पूजन के साथ डामरीकरण का कार्य शुरू करा दिया गया है। 1150 मीटर लंबे आरओबी पर चार चरणों में पांच दिनों में डामरीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सेतु निगम के प्रोजेक्टर ने बताया कि एक नवंबर से सरैया आरओबी पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। गुरुवार को दोपहर कार्यदायी एजेंसी साई डेवलपर्स के प्रोजेक्ट मैनेजर विमलेश सचान, एक्सपर्ट नरेश सचान व जेई आशुतोष तिवारी ने आरओबी के गंगा बैराज छोर पर पूजन कर डामरीकरण का कार्य शुरू कराया। कार्यदायी एजेंसी के एक्सपर्ट ने बताया कि बैराज छोर से मरहला चौराहा होकर आजाद मार्ग के गोल चौराहे तक फोरलेन आरओबी के दोनों छोर पर चार चरणों में डामरीकरण का कार्य होगा। पहले चरण में बिटमिन टेककोर्ट का डामर डाला जाएगा, इसके सूखने के बाद एमएल केमिकल मिक्स हॉट प्लांट डामर डाला जाएगा। तीसरे चरण में बीसी डामर की मोटी परत डाली जाएगी और चौथे चरण में फाइलन सरफेस का कार्य किया जाएगा। बताया कि आरओबी के आरसीसी स्लैब के ऊपर से 65 सेंटीमीटर मोटाई का डामर बिछाने का कार्य किया जा रहा है। बताया गया कि यह मौसम डामरीकरण के लिए अच्छा होता है, कहीं से भी किसी प्रकार की कोई गुंजाइश नहीं होती है कि सड़क का डामर फट जाए या दरार पड़ जाए। आरसीसी स्लैब होने से धंसने का कोई गुंजाइश नहीं होती है। उधर, सेतु निगम के प्रोजेक्टर मैनेजर एसके सुमन ने बताया कि एक नवंबर से सरैया आरओबी पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। पुल पर पांच मोड़ हैं, ऐसे में गति धीमी रहेगी और 30 से 40 किलोमीटर की गति से ही वाहन दौड़ेंगे।