पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने और प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) में भेदभाव खत्म करने की मांग को लेकर बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने रविवार को काले कपड़े पहनकर जुलूस निकाला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले जुलूस बड़ा चौराहा स्थित इंडियन बैंक से एलआईसी बिल्डिंग फूलबाग तक पहुंचा। संगठन ने 28, 29 और 30 सितंबर को प्रस्तावित आंदोलन के समर्थन में कर्मचारियों से एकजुट होने की अपील की। यूएफबीयू कानपुर इकाई के संयोजक रजनीश गुप्ता ने कहा कि बैंकिंग कारोबार और ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन मानव संसाधन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। नई भर्तियों की जरूरत बढ़ रही है। सहसंयोजक प्रवीण मिश्रा ने कहा कि शाखाएं बंद होने के बाद भी कर्मचारियों को लेनदेन का मिलान और अन्य प्रशासनिक कार्य पूरे करने के लिए देर तक रुकना पड़ता है। अंकुर मिश्रा ने दावा किया कि 2020-21 से 2024-25 के बीच बैंकिंग कारोबार करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 257 लाख करोड़ रुपये से अधिक हुआ जबकि बैंक कर्मचारियों की संख्या 7,90,001 से घटकर 7,58,172 रह गई। प्रदर्शन के दौरान यूपी बैंक इम्पलाइज यूनियन के अध्यक्ष मनोज तिवारी, एसके मिश्रा, राजकुमार, सुनील शुक्ला, अंकुर मिश्रा आदि मौजूद रहे। संगठन ने 28 से 30 सितंबर तक विभिन्न स्थानों पर बाइक रैली, मानव शृंखला बनाकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन से भाग लेने की अपील की है।