जाजमऊ से अमेरिका और यूरोप में बैठे लोगों को लोन सेटलमेंट कराने का झांसा देकर उनसे ठगी करने वाले गिरोह के काॅल सेंटर पर सोमवार शाम क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम ने छापा मारा। करीब आठ घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान सेंटर संचालक कोई भी अधिकृत दस्तावेज नहीं दिखा सके। एडीसीपी ऑपरेशन सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि सोमवार शाम करीब 06 बजे मदीना मस्जिद के पास टीम ने तीन मंजिला अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल में चल रहे पहले क्राइम ब्रांच की टीम ने दबिश दी। सेंटर में 10-15 कर्मचारी और तमाम लैपटाॅप व हैंडफोन मिलने से क्राइम ब्रांच को साइबर ठगी किए जाने की आशंका हुई तो कुछ देर बाद ही साइबर सेल की टीम भी वहां पहुंच गई। टीम ने मौजूद सभी कर्मियों को अंदर ही रोककर उनसे पूछताछ शुरू की है। देर रात करीब दो बजे तक टीम फ्लैट के अंदर ही मौजूद रहकर जांच करती रही। एडीसीपी ने बताया कि कर्मियों ने बताया कि वे यहां से विदेशियों को फोन कर उनके लोन का सेटलमेंट कराने का दावा करते थे। यदि कोई शिकार फंस जाता था तो उसे ऊपर के साइबर ठगों के सुपुर्द कर देते थे। इसके बदले में सेंटर संचालकों को कमीशन और कर्मचारियों को वेतन दिया जाता था क्योंकि पूरा काम क्लाउड सिस्टम से होता था इसलिए यह साइबर फ्राड माना जाता है। कॉल सेंटर रजिस्टर्ड भी नहीं है। संचालक बता रहे हैं कि उनका कनेक्शन इटरनिटी कंपनी से है लेकिन देर रात तक संचालक करार के कोई कागज भी नहीं दिखा सके। फिलहाल जांच जारी है। मंगलवार सुबह तक मामले की लिखापढ़ी की जा सकती है।