कानपुर बार और लायर्स एसोसिएशन के प्रांतीय सम्मेलन में लिए गए निर्णय के तहत बुधवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया। हर बुधवार हड़ताल की इस घोषणा का असर अब पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हाईकोर्ट बेंच स्थापना संघर्ष समिति ने भी समर्थन देते हुए 22 जिलों और सभी तहसीलों में कामकाज ठप रखा। हड़ताल के दौरान कचहरी परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और कोर्ट, तहसील व रजिस्ट्री कार्यालयों में काम पूरी तरह प्रभावित रहा।