मंगलवार को आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुए भीषण हादसे में इटावा डीएफओ विकास नायक और उनके चालक देवांश की मौके पर मौत हो गई थी। बुधवार को देवांश का शव गांव रघुनाथपुर पहुंचने पर कोहराम मच गया। पत्नी व डेढ़ साल की बेटी के साथ परिजन बेहाल हो उठे। बाद में शव का ढोड़ी घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। देवांश का शव बुधवार को सैफई से पोस्टमार्टम के बाद दोपहर एक बजे गांव रघुनाथपुर पहुंचा, तो गांव में मातम फैल गया। पत्नी आयुषी शव देखते ही बेहोश हो गई।उसकी ढाई साल पहले ही देवांश से शादी हुई थी। उसकी डेढ़ वर्षीय बेटी समृद्धि इस सब से अनजान अपने पापा को बुलाती रही। वह पापा को सोता समझ कर जगा रही थी। पिता सुमेर, माता सरोज और छोटा भाई आदर्श (10) भी शव से लिपट कर रोने लगे। देवांश की दो बहनें चेतन(14) और रौनक (17) भाई की मौत से बेहाल थीं।इस घटना से पूरे गांव में मातम फैल गया। गांव में जवान बेटे की मौत होने पर बड़ी संख्या में गांव के लोग जमा हो गए। परिजनों का हाल देख सभी की आंखें नम थीं। बाद में शव को करीब तीन बजे लिए ढोड़ी घाट ले जाया गया। जहां अंतिम संस्कार किया गया।