गोंडा में करीब 30 साल पुराने नजूल भूमि विवाद में नया मोड़ आया है। आयुक्त कार्यालय एवं भवन के लिए आरक्षित भूखंड से जुड़े मामले में वादी दयानंद मिश्रा ने न्यायालय में शपथपत्र देकर आगे पैरवी न करने और कार्यवाही समाप्त करने का अनुरोध किया है। साथ ही मौके से अपना कब्जा भी हटा लिया है। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की निगरानी में मामले की समीक्षा और सरकारी पक्ष की प्रभावी पैरवी की गई। यह प्रकरण वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित था और 2008 में स्थगन आदेश भी हुआ था। प्रशासन अब भूमि को सुरक्षित रखते हुए निर्धारित शासकीय प्रयोजन में उपयोग की दिशा में कार्रवाई करेगा।