दिल्ली के पश्चिम दक्षिण सत्य निकेतन इलाके में जर्जर हॉस्टल भरभराकर गिर गया। हादसे में वहां रह रहे छात्रों की मौत हो गई व कुछ छात्र घायल भी हो गए। यही हाल एटा जिले का है, बारिश के मौसम में शहर और जिले के जर्जर भवनों पर खतरा बढ़ गया है। वर्षों पुराने खस्ताहाल भवनों की दरकी दीवारें, कमजोर छतें और जर्जर छज्जे कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। इन भवनों के आसपास रहने वाले परिवारों के साथ बाजारों में दुकान चलाने वाले लोग भी हर समय अनहोनी की आशंका में रहते हैं। इसके बावजूद ऐसे भवनों को चिह्नित कर सुरक्षित कराने, खाली कराने या ध्वस्त कराने की प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।