यह किसी आश्चर्य से कम नहीं कि जिसे दुनिया नहीं दिखाई देती, उसे रामनगर की रामलीला का पूरा नक्शा याद है। चंदौली के कटेसर निवासी 40 वर्षीय मनोहर यादव बीते 30 वर्षों के रामलीला के नेमी हैं। हर दिन शाम पांच बजते ही वह घर से नंगे पांव निकल पड़ते हैं। न किसी का हाथ पकड़ते हैं और न किसी से रास्ता पूछते हैं।