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VIDEO: न्याय का सिद्धांत : निर्दोष न फंसे, दोषी न बचे, प्राचीन मानवाधिकार काउंसिल के सातवें स्थापना दिवस पर कार्यशाला का आयोजन

रुपईडीहा, बहराइच। प्राचीन मानवाधिकार काउंसिल के सातवें स्थापना दिवस पर रविवार को मानवाधिकार जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि न्याय का मूल सिद्धांत है कि कोई निर्दोष न फंसे और कोई दोषी बचने न पाए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए भारतीय संविधान में विभिन्न प्रावधान किए गए हैं। देश में अनेक स्वयंसेवी संस्थाएं भी मानवाधिकारों की रक्षा के लिए कार्य कर रही हैं। मानवीय आधार पर हम सभी का उद्देश्य होना चाहिए कि समाज में होने वाली अमानवीयता का मिलकर विरोध किया जाए और जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए। कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड के मजिस्ट्रेट संजय अवस्थी ने किशोरों के अधिकारों और कानून में दिए गए प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी अपराध में पकड़े गए 14 वर्ष के बच्चे की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए। उसका नाम प्रकाशित नहीं किया जाना चाहिए और न ही उसकी फोटो खींचकर सार्वजनिक की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना समाज और संबंधित संस्थाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। संजय अवस्थी ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष सतीश श्रीवास्तव के कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि वह बच्चों के हित एवं मानवता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। कार्यशाला को राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुणेश, राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नदीम मन्ना, पूर्व ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश चंद, पूर्व विधायक राम सागर राव तथा संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने मानवाधिकारों की रक्षा, समाज में जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को बुके भेंट कर सम्मानित किया गया। मानवाधिकार के क्षेत्र में नेपाल से आए अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यशाला में मौजूद लोगों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए उनके संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सरदार सर्वजीत सिंह ने किया। आयोजन मोहम्मद इसरार अहमद की ओर से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोग मौजूद रहे।

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