यूपी में बहराइच के हरदी थाना क्षेत्र में पुलिस की वर्दी पहनकर दुकानदारों को गांजा रखने के आरोप में जेल भेजने और एनकाउंटर की धमकी देकर धन उगाही के प्रयास का मामला सामने आया है। मामले में दो पूर्व पुलिसकर्मियों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 7.795 किलो गांजा, तमंचा, दो कारतूस, पुलिस उपनिरीक्षक की वर्दी, पी-कैप, पुलिस बैज, फर्जी नंबर प्लेट और लाल-नीली बत्ती लगी कार बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पूर्व पुलिसकर्मी पुलिस का भेष धारणकर दुकानदारों और अन्य लोगों से वसूली करते थे। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि लाल-नीली बत्ती और सरकारी नंबर लिखा वाहन राजी चौराहे से दो लोगों को जबरन बैठाकर महसी की ओर ले जा रहा है। वाहन को सिंगिया नसीरपुर गांव के पास सिकंदरपुर जाने वाले बंधे पर रोककर तलाशी ली गई। वाहन चालक उपनिरीक्षक की वर्दी में था। पुलिस ने उससे विभागीय परिचय पत्र और वाहन के वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। जांच में वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट लगी मिली। वाहन में पीछे बैठे दोनों लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्हें राजी चौराहे से असलहा दिखाकर जबरन वाहन में बैठाया गया है। आरोप है कि दोनों को गांजा रखने के आरोप में जेल भेजने और एनकाउंटर करने की धमकी देकर रुपये मांगे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने वाहन और चारों आरोपियों की तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक, वर्दी पहने व्यक्ति ने अपना नाम समर बहादुर सिंह बताया। पूछताछ में उसने बताया कि वह वर्ष 1997 में 32वीं वाहिनी पीएसी लखनऊ में भर्ती हुआ था। वर्ष 2019 में 35वीं वाहिनी लखनऊ में तैनाती के दौरान लड़ाई-झगड़े और नियम विरुद्ध आचरण के कारण उसे जबरिया सेवानिवृत्त कर दिया गया था। दूसरे आरोपी श्रीप्रकाश द्विवेदी उर्फ प्रकाश दूबे को पुलिस ने वर्ष 2006 बैच का बर्खास्त सिपाही बताया है। पुलिस के अनुसार, दोनों ने पूछताछ में बताया कि वे पुलिसकर्मी का भेष धारण कर दुकानदारों और अन्य लोगों को गांजा रखने या बेचने के आरोप में जेल भेजने का भय दिखाकर धन उगाही करते थे। जेल में रहने के दौरान उन्हें राजी चौराहे की पान और परचून की दुकानों पर गांजे वाली सिगरेट बिकने की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर दोनों दुकानदारों को जबरन वाहन में बैठाकर वसूली का प्रयास किया जा रहा था। वाहन में मौजूद मूले अवस्थी उर्फ अवधेश अवस्थी और वीरेंद्र उर्फ छोटू ने पूछताछ में अपने-अपने दुकानों पर गांजे की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचने की बात बताई। उनकी निशानदेही और तलाशी के दौरान मूले अवस्थी के पास से 51 ग्राम और उसकी निशानदेही पर 3.280 किलो गांजा बरामद हुआ। वीरेंद्र के पास से 94 ग्राम और उसकी निशानदेही पर 2.170 किलो गांजा बरामद किया गया। वाहन से 2.200 किलो गांजा बरामद हुआ। इस तरह कुल 7.795 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 8,270 रुपये नकद, छह एंड्रायड मोबाइल, उपनिरीक्षक की वर्दी, पी-कैप, पुलिस बैज, प्लास, रिंच और दो फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की हैं। पुलिस ने रेनॉल्ट ट्राइबर कार को भी कब्जे में लिया है। चारों आरोपियों के खिलाफ हरदी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार, श्रीप्रकाश द्विवेदी के खिलाफ बाराबंकी और लखनऊ में आयुध अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, अपहरण, डकैती, बरामदगी, धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में चार मुकदमे दर्ज हैं। समर बहादुर सिंह के खिलाफ बाराबंकी और लखनऊ में दो मुकदमे दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। वहीं मूले अवस्थी के खिलाफ हरदी थाने में एक और वीरेंद्र कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट का एक मुकदमा दर्ज बताया गया है।