शहर में लगे अवैध होर्डिंग पर नगर निगम अंकुश नहीं लगा पा रहा है। सड़कों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक अनधिकृत होर्डिंग का जाल फैला हुआ है। नगर निगम पिछले छह महीने में 150 से अधिक मामलों में नोटिस जारी करने और होर्डिंग हटाने की कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन शहर में सैकड़ों अवैध विज्ञापन अब भी लगे हुए हैं। इससे शहर की सूरत बदरंग होती जा रही है। विज्ञापनों से नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की आय हुई थी। चालू वित्तीय वर्ष में तीन करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य है। वहीं, अवैध होर्डिंग से सालाना करीब पांच करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। नियमों के अनुसार, दो होर्डिंग के बीच 10 मीटर से अधिक दूरी होनी चाहिए। मार्ग और फुटपाथ पर ऐसे स्थानों पर विज्ञापन नहीं लगाया जा सकता, जहां लोगों की आवाजाही प्रभावित हो। इसके बावजूद शहर में कई जगह होर्डिंग एक-दूसरे के काफी करीब लगे हैं। ये पैदल चलने वालों के लिए भी वाधा बन रहे हैं।