अयोध्या के रुदौली नगर में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत घर-घर पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था के बीच रुदौली नगर पालिका क्षेत्र में पाइप लाइन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन में घटिया किस्म की पाइप का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते पूरे नगर में जगह-जगह पाइप लीकेज की समस्या सामने आ रही है। लीकेज से बड़ी मात्रा में पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है। पूरे नगर में जगह-जगह पाइप लीकेज कायस्थाना, मलिकजादा, पूरे मियां, कटरा सहित कई मोहल्लों में पाइप लाइन से पानी रिसने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि पाइप लाइन बिछाए जाने के बाद से ही कई स्थानों पर पाइप क्षतिग्रस्त होने और लीकेज की समस्या बनी हुई है। इससे पेयजल की बर्बादी के साथ सड़क पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति भी पैदा हो रही है। लाखों लीटर पानी सड़कों पर बहने का आरोप स्थानीय लोगों के मुताबिक पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण पानी लगातार सड़कों पर बहता रहता है। समय पर लीकेज की मरम्मत नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों का कहना है कि एक तरफ घरों तक पानी पहुंचाने के लिए योजना पर बड़ी धनराशि खर्च की गई, वहीं दूसरी तरफ पाइप लाइन की खराब गुणवत्ता के कारण पानी रास्तों में ही बर्बाद हो रहा है। नलों में टोटी नहीं, अलग से हो रही पानी की बर्बादी पाइप लाइन लीकेज के अलावा कई स्थानों पर जल जीवन मिशन के तहत लगाए गए नलों में टोटी तक नहीं लगाई गई है। टोटी नहीं होने के कारण पानी लगातार बहता रहता है और सड़क पर फैल जाता है। लोगों का कहना है कि पाइप लाइन लीकेज और खुले नलों से पानी की बर्बादी, दोनों समस्याओं पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। नीरज द्विवेदी ने उठाया सवाल नीरज द्विवेदी ने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में पाइप लाइन की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। यदि पाइप लाइन में जगह-जगह लीकेज हो रहा है तो इसकी गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए। पेयजल सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है, जबकि यही पानी लोगों के घरों तक पहुंचना चाहिए। संबंधित विभाग को पूरे नगर में पाइप लाइन का निरीक्षण कराकर लीकेज की समस्या को तत्काल दूर करना चाहिए। गुणवत्ता की जांच और कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने जल निगम और संबंधित विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइप लाइन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। जहां-जहां लीकेज है, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए और यदि घटिया सामग्री का इस्तेमाल पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि योजना का उद्देश्य हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, लेकिन यदि पाइप लाइन की गुणवत्ता खराब होने के कारण पानी रास्ते में ही बहकर बर्बाद होता रहेगा तो योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। पेयजल की बर्बादी रोकने के साथ पाइप लाइन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अब जरूरी हो गया है।