राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की जांच पूरी होने और अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के अयोध्या में बने रहने को लेकर चर्चा है। सूत्रों मुताबिक, चंपत राय को अयोध्या से बाहर भेजे जाने की योजना फिलहाल टाल दी गई है। अब उनके 2027 के विधानसभा चुनाव तक अयोध्या में ही रहने की संभावना जताई जा रही है। चढ़ावा चोरी मामले में दाखिल चार्जशीट में पुलिस ने चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया है। उनका नाम गवाहों की सूची में शामिल है। ऐसे में मौजूदा स्थिति में चंपत राय की कानूनी भूमिका आरोपी की नहीं, बल्कि गवाह की है। आगे अदालत में होने वाली सुनवाई और गवाहों के बयान से उनकी भूमिका का न्यायिक पक्ष सामने आएगा। सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा प्रकरण की जांच के दौरान चंपत राय को अयोध्या से बाहर रखने को लेकर चर्चा हुई थी उनका केंद्र अयोध्या से बाहर किए जाने की चर्चा हो रही थी। अब जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस विकल्प को फिलहाल टालने की बात सामने आ रही है। इसके पीछे अयोध्या की संवेदनशीलता से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव तक कई पहलुओं को वजह माना जा रहा है।