बार एशोसिएशन मिल्कीपुर के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को तहसील परिसर में यूजीसी कानून वापस लेने व आरक्षण को आर्थिक आधार पर दिए जाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया और मांगो से संबंधित राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। केंद्र सरकार द्वारा विश्व विद्यालयों के लिए पारित यूजीसी कानून को वापस लिए जाने और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किए जाने की मांग को लेकर अधिवक्ता संघ मिल्कीपुर के अध्यक्ष अमित मिश्रा की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मांग की है कि भारत में सभी वर्गों के लोगों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था की जाए ,जिसमें अंतिम पायदान पर जीवन यापन के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को प्राथमिकता दी जाए तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न हो चुके सांसद, विधायक,आईएएस,पीसीएस ऑफिसर, उद्योपति आदि व्यक्तियों के परिवारों को अलग रखा जाय। यूजीसी (काला) कानून को सरकार बिना शर्त वापस ले तथा आम जनमानस में फैल रही असंतोष व विद्रोह की भावना को रोका जा सके। भारत का संविधान पूर्णतया समानता के मौलिक आधार को बनाए रखने के लिए निर्मित व सृजित किया गया है। इस लिए इस मूल भावना को राजनीतिक लाभ के लिए विखंडित ना किया जाए। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित मिश्र के साथ उपाध्यक्ष अंसार अहमद,अधिवक्ता सतीश तिवारी, लल्लू तिवारी,अमरजीत सिंह,कमलेश सिंह, शशिभूषण मिश्रा,अरविन्द पाण्डेय, पवन शुक्ला ,दयानंद पाण्डेय,बृजेश कुमार मिश्र,आशीष पाठक,अनिल पाठक अधिवक्तागण उपस्थित रहे।