आगरा के नगर पंचायत जगनेर के वार्ड संख्या-2 एवं 7 में पिछले तीन वर्षों से जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे सैकड़ों महिला-पुरुष सोमवार को ट्रैक्टरों में सवार होकर खेरागढ़ तहसील पहुंच गए। ग्रामीणों ने तहसील परिसर में भजन-कीर्तन के साथ अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। नगर पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए जगनेर नगर पंचायत के प्रभारी अधिशासी अधिकारी एवं एसडीएम न्यायिक विनोद चौधरी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए एसडीएम नरेंद्र गंगवार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। धरने में शामिल महिलाओं ने बताया कि लगातार जलभराव के कारण करीब 200 परिवार नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। बरसात में घरों के भीतर तक पानी भर जाता है। कई परिवार छतों पर रहने को विवश हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। महिलाओं को घर से बाहर निकलने में भी शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि नगर पंचायत चेयरमैन कुलदीप गर्ग और अधिकारियों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं कराया गया। प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामनाथ सिकरवार और शहर अध्यक्ष अमित सिंह भी शामिल रहे। ग्रामीणों के आग्रह पर एसडीएम नरेंद्र गंगवार ने स्वयं जगनेर पहुंचकर मौके का निरीक्षण करने तथा समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिकारियों, कुछ ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं की टीम जगनेर के लिए रवाना हो गई। वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण तहसील परिसर में ही डटे हुए हैं। धरनास्थल पर भजन-कीर्तन चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक जलनिकासी और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन द्वारा विकास कार्यों में अनियमितता कर कागजों में विकास कार्य पूरे दिखाए जा रहे हैं, जबकि नगर के वार्डों की गलियों में जलभराव और गंदगी की भीषण समस्या बनी हुई है।