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VIDEO: 3 करोड़ मिले, जमीन नहीं मिली; पंचकुइयां का शिक्षा संकुल अटका

आगरा। पंचकुइयां स्थित पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय की जमीन पर प्रस्तावित शिक्षा संकुल का निर्माण जमीन के कब्जे के कारण अटक गया है। करीब तीन एकड़ जमीन पर वर्षों से झोपड़पट्टी बसी होने के कारण साइट अब तक निर्माण के लिए खाली नहीं हो सकी है। शासन से परियोजना के लिए तीन करोड़ रुपये की पहली किस्त मार्च में जारी हो चुकी है, लेकिन सितंबर तक मौके पर निर्माण शुरू नहीं हुआ है। यहां तक कि पुरानी बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण भी नहीं हो सका है। परियोजना को 2027-28 तक बनकर तैयार किया जाना है, ऐसे में जमीन उपलब्ध न होने से तय समयसीमा में काम पूरा करना चुनौती बन गया है। शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार 16 करोड़ नौ लाख 19 हजार रुपये की लागत से दो मंजिला शिक्षा संकुल भवन बनाया जाना है। भवन तैयार होने के बाद शिक्षा विभाग के कई महत्वपूर्ण मंडलीय और जिला स्तरीय कार्यालय एक ही परिसर में संचालित किए जाएंगे। प्रस्तावित भवन में संयुक्त शिक्षा निदेशक (जेडी), डीआईओएस, डीआर कार्यालय, संस्कृत पाठशाला, रमसा डीआईओएस-2, वित्त एवं लेखाधिकारी समेत अन्य कार्यालयों को जगह दी जानी है। पहले खाली होगी जमीन, फिर टूटेगी पुरानी बिल्डिंग - परियोजना शुरू करने से पहले जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराना जरूरी है। पूर्व डीआईओएस कार्यालय की जमीन के बड़े हिस्से में लंबे समय से झोपड़ियां बनी हुई हैं और लोग रह रहे हैं। ऐसे में निर्माण एजेंसी को काम शुरू करने के लिए साइट उपलब्ध नहीं हो पा रही है। प्रशासन और शिक्षा विभाग को पहले जमीन खाली करानी होगी। इसके बाद पुरानी बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण कर निर्माण के लिए साइट तैयार की जाएगी। मार्च में आई तीन करोड़ की किस्त, सितंबर तक काम नहीं - शासन से मार्च में तीन करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी हो चुकी है। इसके बावजूद छह महीने बाद भी परियोजना मौके पर शुरू नहीं हो सकी है। जमीन खाली न होने के कारण ध्वस्तीकरण का काम तक आगे नहीं बढ़ा है। अब जमीन खाली कराने और साइट तैयार करने में लगने वाला समय सीधे निर्माण की समयसीमा को प्रभावित करेगा। 2027-28 तक तैयार होना है भवन - शिक्षा विभाग के मुताबिक शिक्षा संकुल को 2027-28 तक बनकर तैयार किया जाना है। परियोजना पर विभाग का बजट लग चुका है और पहली किस्त भी जारी हो गई है, लेकिन जमीन उपलब्ध न होने के कारण निर्माण की शुरुआत ही नहीं हो पाई है। यदि जल्द कब्जा नहीं हटाया गया तो निर्माण की तय समयसीमा में काम पूरा करना मुश्किल हो सकता है।

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