आगरा में पुलिस ने टेढ़ी बगिया में नाले और झाड़ियों में मिली दवाओं की जांच के लिए 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं। इसमें संदिग्ध लोग लोडिंग वाहन में कट्टों में उसी रास्ते की ओर जाते दिख रहे हैं। इसमें स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे का दायरा और बढ़ा दिया है। टेढ़ी बगिया में बीते सोमवार को कांशीराम आवास योजना के पास नाले और झाड़ियों में दवाओं का जखीरा मिला था। ये 29 सितंबर को धनौली में अवैध गोदाम में बरामद हुई दवाएं समान हैं। ऐसे में पुलिस ने टेढ़ी बगिया से उस रास्ते में बीते 3-4 दिन की फुटेज खंगाली हैं। इस दौरान 30 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले, इनमें कुछ कैमरे खराब मिले थे। कुछ कैमरों में लोडिंग वाहन में कट्टों में सामग्री लदी हुई दिख रही है। दो-तीन लोग भी दिख रहे हैं। इनका चेहरा स्पष्ट नहीं है। धनौली छापे में पकड़े गए आरोपियों के होने की आशंका है। स्थिति और स्पष्ट करने के लिए सीसीटीवी फुटेज जांच करने का दायरा बढ़ा दिया है। दरअसल, धनौली छापे के वक्त टेढ़ी बगिया निवासी इकरार और मुकीम को पकड़ा था। इन्होंने टेढ़ी बगिया में दो गोदाम होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने मौके पर जांच की तो गोदाम मालिक सोनू ने इनके विजय कुमार को किराए पर देने की बात कही। 27 सितंबर को गोदाम खाली कर चाबी देने की बात कही। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि ये गोदाम से खाली की हुई दवाएं ही नाले में फेंकी गई हैं। सहायक आयुक्त औषधि अरविंद गुप्ता का कहना है कि पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले हैं, इनमें संदिग्ध दिखे हैं। अभी जांच चल रही है, औषधि विभाग की टीम भी पुराने मामलों से इनका मिलान कर रही है।