देवभूमि कुल्लू की वादियों में एक बार फिर सैलानियों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मौसम अनुकूल होते ही बाहरी राज्यों से पर्यटकों ने घाटी का रुख करना शुरू कर दिया है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ पर्यटन स्थलों पर रौनक लौट रही है और लंबे समय से सुस्ती झेल रहे पर्यटन कारोबार को भी धीरे-धीरे गति मिलने लगी है। कुल्लू घाटी में इन दिनों साहसिक पर्यटन गतिविधियों को लेकर भी पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। व्यास नदी के किनारे स्थित राफ्टिंग पॉइंट पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है। रोमांच पसंद करने वाले सैलानी राफ्टिंग का आनंद लेने के साथ-साथ घाटी की प्राकृतिक खूबसूरती को भी करीब से देख रहे हैं। व्यास नदी में राफ्टिंग कुल्लू आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षणों में शामिल है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ राफ्टिंग से जुड़े कारोबारियों के चेहरे भी खिलने लगे हैं। राफ्टिंग के अलावा पर्यटक घाटी में उपलब्ध अन्य साहसिक गतिविधियों और पर्यटन स्थलों का भी रुख कर रहे हैं। इससे पर्यटन से जुड़े अलग-अलग कारोबारों को फायदा मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की बढ़ती आमद का असर होटल और टैक्सी कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। होटल संचालकों, टैक्सी ऑपरेटरों और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी। पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि पर्यटकों की आवाजाही में आई तेजी से कारोबार धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा है। लंबे समय तक पर्यटन गतिविधियां कमजोर रहने के बाद अब सैलानियों की बढ़ती संख्या कारोबारियों के लिए राहत लेकर आई है। कुल्लू घाटी की पहाड़ियां, व्यास नदी और आसपास के प्राकृतिक पर्यटन स्थल हमेशा से सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं। मौसम सुहावना होने के साथ इन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ रही है। आने वाले दिनों में यदि पर्यटकों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो होटल, टैक्सी, राफ्टिंग, रेस्तरां और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े कारोबार में और तेजी आने की उम्मीद है।