राजधानी शिमला में संजौली से नवबहार की ओर जाने वाले फुटपाथ पर सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। इस रास्ते पर लगी रेलिंग कई जगह से गायब है, जबकि कई स्थानों पर टूटी हुई पड़ी है। ऐसे में फुटपाथ से गुजरने वाले लोगों, विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए हादसे का खतरा बना हुआ है। यह मार्ग रोजाना सैकड़ों लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, फुटपाथ पर रेलिंग न होने के कारण कई बार राहगीरों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेलिंग की कमी से फुटपाथ पर चलना जोखिम भरा हो गया है। खासकर स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फुटपाथ के किनारे सुरक्षा रेलिंग नहीं होने से संतुलन बिगड़ने पर नीचे गिरने की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेकर फुटपाथ का निरीक्षण करवाने और गायब व टूटी हुई रेलिंग को जल्द ठीक करवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह रास्ता बड़ी संख्या में राहगीरों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए यहां सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करना जरूरी है। विभाग को किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवश्यक कदम उठाने चाहिए।