राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर राजधानी शिमला के रिज मैदान पर आयुष विभाग की ओर से विभिन्न प्रकार की थेरेपी और उपचार पद्धतियों से संबंधित प्रदर्शनियां लगाई गईं। इन प्रदर्शनियों का शुभारंभ आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने किया। प्रदर्शनियों में लोगों को आयुष विभाग की ओर से अपनाई जा रही अलग-अलग उपचार पद्धतियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद और अन्य आयुष पद्धतियों से जुड़े उपचार के बारे में जागरूक करना है, ताकि वे इन पद्धतियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकें। रिज पर लगाई गई प्रदर्शनियों के माध्यम से लोगों को बताया जा रहा है कि प्रदेश में आयुष विभाग किस तरह विभिन्न पद्धतियों और थेरेपी का प्रयोग कर उपचार उपलब्ध करवाता है। यहां आने वाले लोगों को अलग-अलग पद्धतियों से संबंधित जानकारी दी जा रही है। आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में विभिन्न प्रकार की जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं। इनका उपयोग कर लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों और जड़ी-बूटियों का उपयोग उपचार के क्षेत्र में किया जा रहा है, ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और उन्हें उपचार के लिए अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के मौके पर आयोजित यह प्रदर्शनी लोगों के लिए आयुर्वेद और आयुष पद्धतियों को करीब से समझने का माध्यम बनी है। प्रदर्शनियों में विभिन्न उपचार पद्धतियों से संबंधित जानकारी लोगों को उपलब्ध कराई जा रही है।