जनवादी महिला समिति कमला नेहरू अस्पताल शिफ्टिंग के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर 15 सितंबर को टाॅलैंड से सचिवालय मार्च करेगी । इस दाैरान मुख्यमंत्री को एक लाख लोगों के हस्ताक्षर सौंपे जाएंगे। समिति के अनुसार निजी स्वार्थ के चलते बर्बाद किए जा रहे अस्पताल को शिफ्ट नहीं होने दिया जाएगा। महिला समिति की राज्य अध्यक्ष रंजना जरेट, सचिव फालना चौहान, सचिवालय सदस्य सुनिधि ठाकुर व रमा ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में आम लोगों से अस्पताल को बचाने के अभियान में जुड़ने की अपील की। कहा कि एक रोबोटिक सर्जरी के लिए एक बसे बसाए अस्पताल को बर्बाद किया जा रहा है। अस्पताल को बचाने के लिए आंदोलन उग्र होगा। कहा कि यह पहले सीएम हैं, जिन्होंने कमला नेहरू अस्पताल को बांटने, बर्बाद करने का काम किया है। सुनिधि चौहान ने कहा 16 सितंबर 20 बेड देने का फैसला हुआ, 50 बेड सीएम ने माना। इसके बाद पूरे गायनी वार्ड को शिफ्ट कर दिया गया। ओपीडी शिफ्ट कर दी। चंद लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए अस्पताल गायनी विभाग को शिफ्ट कर दिया। आईजीएमसी में कोई उपचार मुफ्त नहीं, टेस्ट में ढाई बजे हो रहे। महिला मरीज दो अस्पतालों के बीच भटक रही हैं।