हिमाचल प्रदेश टैक्सी ऑपरेटर एवं ड्राइवर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से चौड़ा मैदान में चलाया जा रहा आमरण और क्रमिक अनशन वीरवार को चौथे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन कर रहे टैक्सी ऑपरेटरों ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। टैक्सी ऑपरेटरों की प्रमुख मांग प्रदेश में टैक्सी परमिट की निर्धारित अवधि को बढ़ाने से जुड़ी है। ऑपरेटरों का कहना है कि मौजूदा 12 साल की अवधि को बढ़ाकर 25 साल किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में टैक्सी संचालन के लिए अधिक अवधि का प्रावधान है, इसलिए हिमाचल में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू होनी चाहिए। आमरण अनशन पर बैठे राम रतन शर्मा और अभी ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों को लेकर उन्हें लगातार गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि टैक्सी ऑपरेटर लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। ऑपरेटरों ने यह भी मांग उठाई कि वाहनों को केवल उनकी निर्धारित आयु के आधार पर संचालन से बाहर करने के बजाय फिटनेस के आधार पर टैक्सियों को चलाने की अनुमति दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि वाहन तकनीकी रूप से फिट है तो उसे निर्धारित मानकों के तहत सड़क पर संचालित करने का अवसर मिलना चाहिए। एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र ने कहा कि आमरण अनशन पर बैठे ऑपरेटरों की सेहत बिगड़ती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। उन्होंने सरकार से मांगों पर जल्द निर्णय लेने और आंदोलन समाप्त करवाने की दिशा में ठोस पहल करने की अपील की। टैक्सी ऑपरेटरों ने दोहराया कि मांगों पर समाधान होने तक चौड़ा मैदान में उनका आंदोलन जारी रहेगा।