राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के रिहर्सल हॉल में रविवार को दो दिवसीय कथक कार्यशाला का आगाज हुआ। कार्यशाला में प्रतिभागियों को लखनऊ घराने के कथक की बारीकियां सिखाई गईं। कथिका डांस फाउंडेशन व प्रोडक्शंस की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में पहले दिन देशभर से आए करीब 15 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यशाला का नेतृत्व प्रसिद्ध कथक गुरु मालती श्याम ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध विरासत से परिचित करवाया और लखनऊ घराने की विशेषताओं को समझने का अवसर प्रदान किया। पारंपरिक नृत्य कला की व्यापक समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में विशेष रूप से लखनऊ घराने की बारीकियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों को कथक की इस शैली को करीब से जानने और अपनी नृत्य कला को निखारने का अवसर मिला। ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आयोजित इस कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिला। दो दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य कथक के प्रति रुचि बढ़ाने और पारंपरिक नृत्य कला की बारीकियों से प्रतिभागियों को परिचित करवाना है।