करीब एक साल पहले थाना हठूर में दर्ज हुए मारपीट के मामले को रद्द करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को गांव लक्खा के निवासियों ने ग्रामीण मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव अवतार सिंह तारी के नेतृत्व में जगराओं एसएसपी दफ्तर के बाहर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान इंकलाबी केंद्र पंजाब के महासचिव कंवलजीत खन्ना भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि गांव लक्खा निवासी गुरमेल सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और जसपाल सिंह के खिलाफ थाना हठूर में दर्ज एफआईआर नंबर 109, दिनांक 18 सितंबर 2025, में दर्ज धारा 118(1) और 3(5) बीएनएस को रद्द किया जाए। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शिकायतकर्ता गांव लक्खा निवासी बलजीत सिंह के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग भी उठाई। एसएसपी ने निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा धरने के दौरान एसएसपी लुधियाना देहाती अंकुर गुप्ता ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच एसपी (इन्वेस्टिगेशन), लुधियाना देहाती से करवाई जाएगी। एसएसपी के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त करते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई। क्या था करीब एक साल पुराना मामला जानकारी के अनुसार, करीब एक साल पहले गांव लक्खा निवासी बलजीत सिंह ने थाना हठूर में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के मुताबिक वह खेतीबाड़ी से संबंधित काम के साथ गांव में वाहनों की सर्विस का काम करता है। काम खत्म करने के बाद वह बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में आरोपियों ने उसे गाली-गलौच करते हुए तलवार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि हमले की रंजिश पहले से चली आ रही थी। उसके मुताबिक आरोपी उसके खाली प्लाट में कूड़ा आदि फेंकते थे और उसने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया था। इसी बात को लेकर रंजिश पैदा हुई और कथित तौर पर उस पर हमला किया गया। उस समय पुलिस ने बलजीत सिंह के बयानों के आधार पर परमजीत सिंह, गुरमेल सिंह और जसपाल सिंह के खिलाफ थाना हठूर में मामला दर्ज किया था। अब इसी मामले को लेकर ग्रामीण मजदूर यूनियन की अगुवाई में गांव लक्खा के लोगों ने एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना देकर दर्ज मामले को रद्द करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने बलजीत सिंह पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग भी रखी है।