पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस पार्टी द्वारा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करने के फैसले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह सिखों के जख्मों पर नमक छिड़कने वाली हरकत है। लुधियाना स्थित भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि 1 नवंबर सिख समुदाय के लिए कोई सामान्य तारीख नहीं, बल्कि शोक का दिन है। वर्ष 1984 में इसी दिन दिल्ली की गलियों में सिखों को चुन-चुनकर मारा गया, गुरुद्वारों को जलाया गया और घरों को उजाड़ दिया गया। दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हजारों सिख मारे गए। कितनी माताओं ने अपने बेटे खोए और कितनी बहनें विधवा हुईं, इसका कोई हिसाब नहीं है। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव अनिल सरीन, प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरदेव सिंह देबी, प्रदेश कोर कमेटी सदस्य जीवन गुप्ता, जिला अध्यक्ष सुनील मोदगिल और जतिंदर मित्तल भी उपस्थित थे। प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेस ने पहले दरबार साहिब पर हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को ढहा दिया और फिर नवंबर 1984 में दिल्ली तथा देश के अन्य शहरों में सिखों का नरसंहार हुआ। इन जख्मों को बार-बार कुरेदने का काम भी कांग्रेस ने ही किया है। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पीड़ितों को न्याय मिलने में 40 साल लग गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाया है। प्रदेश अध्यक्ष ढिल्लों ने कांग्रेस के "वोट बचाओ, देश बचाओ" नारे पर तंज कसते हुए कहा, "जिस पार्टी पर 1984 में सिखों के नरसंहार का दाग है, वह लोकतंत्र बचाने की बात किस मुंह से करती है। ढिल्लों ने कहा कि सिख समुदाय के जख्मों को कुरेदने वाली कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को 1984 के नरसंहार तथा इस निंदनीय फैसले के लिए सिख संगत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस स्पष्ट करे कि वह 1984 के आरोपियों और उनकी रक्षा करने वालों के साथ खड़ी है या पीड़ितों के साथ। ढिल्लों ने कहा, "सिख समुदाय न भूला है और न कभी भूलेगा। भाजपा हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी थी, खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी