सरकारी कर्मचारियों की राज्यव्यापी महाहड़ताल के चलते सरकारी दफ्तरों और अस्पतालों में कामकाज प्रभावित रहा। जालंधर में भी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला, जहां सिविल अस्पताल की ओपीडी सेवाएं बंद रहने से इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, पुलिस पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने डीसी दफ्तर के बाहर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग उठाई। हड़ताल के कारण सरकारी कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा रहा। सिविल अस्पताल की क्लास-4 गवर्नमेंट एम्प्लाइज यूनियन के प्रधान डिंपल गिल ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि पीएपी में दोपहर 1 बजे सरकार के साथ बैठक प्रस्तावित है। मांगें नहीं मानी गईं तो कर्मचारी आगे की रणनीति तय करेंगे। नर्सिंग एसोसिएशन की प्रधान कांता कुमारी ने भी डीए, पुरानी पेंशन बहाली और कर्मचारियों को पक्का करने समेत लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील मुख्यमंत्री से की।