भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की ओर से बुधवार को फरीदकोट में होने वाली किसान महापंचायत को लेकर दिनभर किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच तनातनी बनी रही। देर शाम दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन 23 सितंबर तक स्थगित करने की घोषणा कर दी। प्रशासन ने किसानों को उनकी मांगों के संबंध में जल्द ही सरकार के साथ बैठक करवाने का भरोसा दिया है। जानकारी के अनुसार लैंड मॉर्गेज बैंकों में कमर्शियल बैंकों की तर्ज पर ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) स्कीम लागू करने, किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने तथा शंभू और कनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों को हुए नुकसान की भरपाई समेत अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की ओर से फरीदकोट सहित राज्य के 12 जिलों में लैंड मॉर्गेज बैंकों के बाहर धरने दिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 29 अगस्त को फरीदकोट में प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन रखा गया था। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन को नाकाम करते हुए करीब 200 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद किसान संगठन की ओर से जेल भरो आंदोलन चलाया जा रहा था। इसी बीच 9 सितंबर को फरीदकोट में किसान महापंचायत का ऐलान किया गया था। महापंचायत से पहले बुधवार सुबह पुलिस प्रशासन ने किसान नेताओं के घरों पर दबिश देकर प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाला सहित कई नेताओं को नजरबंद कर दिया। कुछ समय बाद डल्लेवाल अपने साथियों के साथ घर से बाहर निकल आए और किसानों का काफिला फरीदकोट की ओर बढ़ने लगा। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए फरीदकोट के फिरोजपुर रोड तक पहुंच गए।