पंजाब मुलाजिम, पेंशनर फ्रंट तथा सांझा मुलाजिम मंच पंजाब की ओर से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पठानकोट बस स्टैंड पर रोष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब के वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी करते हुए ‘मुरदाबाद’ के नारे लगाए। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें सरकार के समक्ष रखी जा रही हैं, लेकिन मांगों का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारी वर्ग में रोष बढ़ता जा रहा है। बस स्टैंड परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनरों के एकत्र होने से माहौल प्रदर्शनमय बना रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े लंबित मामलों को जल्द हल किया जाए और उन्हें बार-बार संघर्ष का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर न किया जाए। ..................... कर्मचारियों के प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस नेता प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता भी मौके पर पहुंचे और कर्मचारी-पेंशनर वर्ग के साथ खड़े दिखाई दिए। कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शनकारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। हालांकि, प्रदर्शन स्थल पर कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी को लेकर यह भी चर्चा रही कि राजनीतिक दल कर्मचारी वर्ग के आंदोलन के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका संघर्ष किसी राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों और अधिकारों को लेकर है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में संघर्ष को और तेज किया जाएगा। वही इस हड़ताल के चलते पठानकोट में विभिन्न स्थानों पर सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुए जैसे सरकारी अस्पताल में ओपीडी बंद रही, सेहत सुविधाएं पूरी तरह से प्रभावित हुई। इसी तरह डीसी ऑफिस कर्मचारी और नगर निगम पठानकोट के सफाई सेवकों सहित अलग-अलग विभागों के कर्मचारी व पेंशनर बड़ी संख्या में बस स्टैंड पठानकोट पर रोष धरने में देने पर दिखे।