शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की अंतरिम कमेटी की बैठक के बाद अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कई अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। आनंदपुर साहिब मामले को लेकर धामी ने कहा कि यह मामला सोशल मीडिया ट्रायल का विषय नहीं, बल्कि पुलिस जांच का विषय है। उन्होंने पंजाब सरकार से मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की। धामी ने बताया कि SGPC ने इस मामले में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। उन्होंने कहा कि तीन दिन के भीतर SGPC का प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल से मिलकर CBI जांच की मांग करेगा। धामी ने मादक पदार्थों के खिलाफ निकाले गए मीरी-पीरी खालसा मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मार्च के दौरान करीब एक हजार गांवों को कवर किया गया और हर गांव से पंजाब को नशामुक्त करने की आवाज उठी। उन्होंने बताया कि संगरूर के एक गांव में लोगों ने करीब 40 युवाओं के नशे की चपेट में आने की जानकारी दी। कई बच्चों ने सिखी से जुड़ने का संकल्प भी लिया। भाई बलवंत सिंह राजोआणा से मुलाकात पर धामी ने कहा कि उनके साथ सैद्धांतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। राजोआणा ने उम्रकैद में बदलने संबंधी याचिका वापस लेने की इच्छा जताई है। धामी ने कहा कि इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब से दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए। SGPC एक्ट को लेकर उन्होंने पंजाब में अलग कमेटी बनाए जाने की चर्चाओं पर हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार को इससे सबक लेना चाहिए। उन्होंने SGPC के आम चुनाव जल्द करवाने की मांग भी की।